भिण्ड, 09 जून। पंच कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के ज्ञान कल्याणक के दिन महामुनिराज आदिकुमार को इच्छुक रस (गन्ने का रस) की विधि मिलने पर आहारचर्या विधि विधान से संपन्न हुई एवं दोपहर को समोशरण की रचना की गई, जिसमें जिज्ञासु द्वारा प्रश्न करने पर समोशरण पर विराजमान पट्टाचार्य विशुद्ध सागर महाराज ने उनके प्रश्नों का समाधान किया।
पट्टाचार्य विशुद्ध सागर महाराज ने कहा कि महापुरुषों की महिमा निराली है, आत्मज्ञानी व्यक्ति के सामने क्रूर से क्रूर प्राणी शांत हो जाते हैं, जातिगत बेरभाव भी छोड़ देते हैं, देखो तीर्थंकर भगवान ऋषवदेव से लेकर भगवान महावीर स्वामी पर्यंत का इतिहास सर्व जगत को विदित है। जहां-जहां भगवान का बिहार होता था, वहां-वहां सुभिक्ष हो जाता था। गाय एवं सिंह मैत्री भाव से सरिता के एक ही घाट पर पानी पीते थे, उनके समूह शरण में धर्म सभा में तीन गति के जीव अपने-अपने कोटे में बैठकर दिव्य वाणी जिन देशना का श्रवण करते थे महापुरुषों की यही महिमा है, बिना अस्त्र-शस्त्र उठाए सर्व लोक को अपना बना लेना उपसर्ग करता भी चरणों में आकर सम्यकतव निधि को प्राप्त कर लेते हैं, घर-घर में आत्म विद्या उद्घोषित हो ऐसा पवित्र भाव रखो, अपने कसाए वासना पूर्ण विचारों के कारण किसी भी न प्रियांशु का विघात मत करो तथा भावों से देव एवं नारकियों की भी हत्या मत करो स्वयं के परिणाम को संभालो।
पट्टाचार्य ने कहा कि देश, राष्ट्र, समाज, धर्म एवं स्वयं पर के प्राणों की रक्षा करने के भाव हैं तो प्रत्येक सूत्र को अनेक श्रेणियां में देखना चाहिए सर्व जगत पूर्ण शुद्ध नहीं जी रहा है यह ध्रुव सत्य है पर जी रहा है जीते जीते शुद्ध अवस्था होते-होते एक क्षण परम शुद्ध में प्रवेश कोई बिरला साधु-पुरुष ही करता है तब वह कर्म शून्य कृतकृत्य परमात्मा पद को प्राप्त कर लेता है। उन्होंने कहा कि आपको लग सकता है कि इन सब जीवों की रक्षा से मुझे क्या लाभ आपको इनकी रक्षा से लाभ ही लाभ है, विवेक पूर्वक विचार करो बुद्धि खुल जाएगी संसार का सर्व सुख तथा परमार्थ सब की रक्षा से ही संभव है, पंच स्थावर एवं त्रस जीबो की रक्षा के बिना मानव जीवन सुरक्षित नहीं है सामान्य नागरिक जी रहे हैं सभी के होने से पर उन्हें अपनी अल्प प्रक्रिया से समझ ही नहीं आ रहा है कि उनका जीवन किसके माध्यम से सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि आज-कल लोग छोटी-छोटी बातों को लेकर आत्महत्या कर रहे हैं, मरना तुम्हारा धर्म नहीं समाधि मरण करना ही धर्म है, आज इस सभा में सभी को संकल्प लेना है कि हम आत्महत्या नहीं करेंगे सभी लोगों ने हाथ उठाकर संकल्प लिया।
इस अवसर पर विधायक नरेन्द्र सिंह कुशवाहा, पूर्व विधायक संजीव सिंह कुशवाह, भारत चतुर्वेदी, विश्वप्रताप सिंह विष्णु, पूर्व जिला अध्यक्ष रविसेन जैन, पार्षद मनोज जैन, यश जैन, बिट्टू जैन, देवेन्द्र जैन, नरेश जैन, चक्रेश जैन, विनोद जैन, रविन्द्र जैन, राकेश जैन, मनीष जैन, मोहन जैन, राजेन्द्र जैन, रमेश जैन, सचिन जैन, पिंकू जैन सहित महिला, पुरुष एवं बच्चे उपस्थित थे।
Wednesday, July 29
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