– पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में संतश्री के हुए प्रवचन
भिण्ड, 08 जून। निराला रंग बिहार में चल रहे पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में प्रवचन करते हुए पट्टाचार्य विशुद्ध सागर महाराज ने कहा कि विचार ही उठाते हैं, विचार ही गिराते हैं, विचार ही भव भव में भटकाते हैं और विचार ही भव से पार लगाते हैं। व्यक्ति के जीवन में विचारों का महत्वपूर्ण स्थान है। विचार बदलते ही जीवन की धारा बदल जाती है।
उन्होंने कहा कि यदि आप श्रेष्ठ विचारवान हैं, तो समझो आप ही सर्वशक्तिमान है। आप अपने विचारों से विश्व विजेता बन सकते हैं, विचार ही विश्व विख्यात बनाते हैं। विचारों से आप श्रेष्ठ विचारक वैज्ञानिक वक्ता लेखक नेता शिक्षक व्यापारी बन सकते हैं। व्यक्ति विचारों से ही विजयी होता है, विचारों के बल पर ही व्यक्ति विश्व में पहचाना जाता है। पट्टाचार्य ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम जगत के हृदय हृदय में आस्था के आंगन में बस गए। इसका कारण क्या है श्रीराम बन गए तो मतलब प्रसिद्ध हो गए। उनके विचारों में उनकी मर्यादा, पिता की आज्ञा का पालन, भाई की प्रीति, सौतेली मां के प्रति पवित्र भावना, गिद्ध जटायु पर दया दृष्टि, निग्रंथ दिगंबर श्रवण संतों के प्रति भक्ति भावना, दीनों पर दया, विरक्त होने पर ध्यान लीनता, प्राणी मात्र के प्रति करुणा मैत्री भाव था। जब-जब साधु संतों मुनियों पर संकट आया तब राम ने ही बचाया था। उन्होंने कहा कि मुनिराज किसी पात्र में आहार करते हैं। होते तो किसी के पास सोने का चांदी का रतन से जड़ा हुआ होता, किसी के पास गिलट का पात्र होता, तब तीर्थंकर भगवान ने कहा- पानी हाथों से पियो, आहार हाथों से करो ताकि किसी के झूठे बर्तन मुंह में न रखने पड़ें।
उपाध्याय विनिश्चल सागर महाराज ने कहा कि विश्व में 200 से अधिक देश हैं। अनेक अनेक नाम से सुने जाते हैं, जिनमें अमेरिका इटली जापान अनेकों हैं। लेकिन आपने कभी नहीं सुना होगा कि अमेरिका माता की जय, इटली माता की जय हो, जापान माता की जय हो, लेकिन भारत एक ऐसा देश है जहां भारत माता की जय कार लगाते हैं। क्योंकि भारत में कई तीर्थंकरों ने जन्म लिया, कौशल्या माता ने राम को जन्म दिया, देवकीय माता ने कृष्ण को जन्म दिया और ऐसी कई माता रहीं जिन्होंने कई महापुरुषों को जन्म दिया।
इस अवसर पर प्रतिष्ठाचार्य आशीष जैन अभिषेक जैन ने विधि विधान से पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव की क्रिया कराई। निराला रंग बिहार में चल रहे पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में पूर्वमंत्री चौधरी राकेश सिंह पट्टाचार्य विशुद्ध सागर महाराज से आशीर्वाद लेने पहुंचे। समाधि सम्राट गणाचार्य विराग सागर महाराज की शिष्या विजिज्ञाश्री माताजी विशुद्ध सागर महाराज से मिलने पहुचीं।
तीर्थंकर आदि कुमार का हुआ विवाह
पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में भगवान के जन्म के पश्चात सोमवार को आदि कुमार की बारात निकाली गई जो नगर भ्रमण करते हुए बैंड बाजों के साथ अयोध्या नगरी निराला रंग बिहार पहुंची वहां पर विवाह की क्रिया संपन्न कराई गई।


