– ग्राम सगरा के पाण्डरी बाबा धाम में चल रही है देवी भागवत कथा
भिण्ड, 07 मई। जिले के ग्राम सगरा स्थित बाबा पाण्डरी धाम परिसर में चल 21 कुण्डीय होमात्मक सहसचण्डी महायज्ञ के दौरान चल रही देवी भागवत कथा के चतुर्थ दिवस की कथा के क्रम में नित्य होमात्मक यज्ञ एवं पंचदेव पूजन अर्चन के साथ विशेषरूप से क्षेत्र के अनेकों किशोर एवं युवाओं का यज्ञोपवीत संस्कार कराया गया। तदुपरांत कथाक्रम में महाराजश्री ब्रह्मानन्द सरस्वती दण्डीस्वामी ने पंच कन्याओं की कथा एवं संत-असंत के प्रसंग को शास्त्रीय उदाहरण से समझाया।
उन्होंने महाभारत एवं श्रीराम चरित मानस की दो कथाओं के माध्यम से मनुष्य द्वारा धर्म और अधर्म के आचरण का कारण बताया कि किसी घर का मुखिया, क्षेत्र का सबसे सम्मानित व्यक्ति एवं किसी देश का राजा जैसा आचरण करता है, घरवाले, क्षेत्र वाले एवं देशवासी वैसा ही आचरण करते हैं। अयोध्याधाम से पधारे मानस-पुरुष राजीव गुरू ने बताया कि श्रीमद् देवी भागवत कथा कोई मनोरंजन की कथा नहीं वल्कि यह कथा एक विशिष्ट कामना सिद्धि अनुष्ठान है। अत: कथा के श्रोताओ को पूर्ण पुण्य लाभ प्राप्त करने हेतु यह कथा पूर्ण श्रद्धा एवं पवित्रता के साथ विश्वास करके ही सुनना चाहिए। कथा क्रम में आगामी 10 मई शनिवार को सुबह 10 बजे क्षेत्र की कन्याओं का पूजन होगा, जिसमें क्षेत्र की कन्याओं को आमंत्रित किया गया है।


