-महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री डॉ. अंजलि रायजादा ने पत्रकारों से की चर्चा
भिण्ड, 26 अप्रैल। नारी शक्ति वंदन अधिनियम से होने वाले महिला सशक्तिकरण विधेयक को रोक कर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी टीएमसी एवं महिला विरोधी राजनीतिक दलों का असली चेहरा सामने आ गया है। इस महिला विरोधी गठबंधन ने न केवल एक विधेयक को रोका, बल्कि करोड़ों महिलाओं के अधिकारों और भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है। यह बात भिण्ड में भाजपा कार्यालय पर आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश मंत्री डॉ. अंजली रायजादा ने कही।
उन्होंने कहा कि नारी शक्ति बंधन अधिनियम का लोकसभा में कांग्रेस समाजवादी पार्टी एवं टीएमसी तथा महिला विरोधी राजनीतिक दलों द्वारा हाल ही में लोकसभा में जो घटनाक्रम पैदा किया गया वह केवल एक संसदीय प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी के अधिकारों से जुड़ा एक अत्यंत गंभीर विषय है। महिला विरोधी गठबंधन ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को प्रभावी बनाने वाले 131वें संविधान संशोधन विधेयक को रोककर अपनी वास्तविक मानसिकता उजागर कर दी है। यह हर उस महिला का अपमान है, जो वर्षों से अपने अधिकार का इंतजार कर रही है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में यह एक निर्णायक कदम था, जिसे राजनीतिक स्वार्थों के कारण रोक दिया गया। यह लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी को टालने का स्पष्ट उदाहरण है। राहुल गांधी और अन्य राजनीतिक दलों ने एक बार फिर दिखा दिया कि उनके लिए महिला सशक्तिकरण केवल चुनावी नारा है, वास्तविक प्रतिबद्धता नहीं। देश की 70 करोड़ महिलाएं इस घटनाक्रम को देख रही हैं, समझ रही हैं और इसे याद रखेंगी। विपक्ष को यह आक्रोश हर चुनाव, हर स्तर और हर स्थान पर झेलना पड़ेगा। यह मुद्दा अब केवल संसद तक सीमित नहीं रहेगा, यह जन-जन का मुद्दा बनेगा। भारतीय जनता पार्टी महिला सशक्तिकरण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है जबकि कांग्रेस तथा अन्य दलों ने बहनों के अधिकार छीनने का कार्य किया।
पत्रकार वार्ता में भाजपा जिला अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह नरवरिया, महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष आभा जैन, भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सरोज जोशी, महामंत्री संगीता कौशल, जिला महामंत्री आरती पाठक, ज्योति बौहरे, सुनीता शर्मा, मंडल अध्यक्ष राजेश्वरी भिजवाने, उमा कुशवाह विशेष रूप से मौजूद रही।


