– श्रीराम कथा ज्ञान महायज्ञ में राम वन गमन का प्रसंग सुनकर श्रोता हुए भाव विभोर
भिण्ड, 26 अप्रैल। नर्मदेश्वर महादेव मन्दिर परिसर पुरानी कचहरी के पीछे वार्ड क्र.6 न्यायाधीश नगर मेहगांव में चल रहे सात दिवसीय श्रीराम कथा ज्ञान महायज्ञ महोत्सव के चौथे दिन रविवार को कथा व्यास आचार्य मदन मोहन शास्त्री ने राम वन गमन प्रसंग का मार्मिक वर्णन किया। कथा सुनकर श्रोता भावविभोर हो गए।
आचार्य ने कहा कि राजा दशरथ के वचन और कैकेई की मांग पर मर्यादा पुरुषोत्तम राम ने बिना किसी संकोच के अयोध्या का राजपाट त्याग दिया। 14 वर्ष का वनवास स्वीकार कर उन्होंने यह सिद्ध किया कि आपदा ही सबसे बड़ा अवसर होती है। वन गमन के कारण ही प्रभु राम का मिलन निषादराज गुह, केवट, शबरी जैसे समाज के उपेक्षित जनों से हुआ और सामाजिक समरसता का आदर्श स्थापित हुआ। चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में जीवन जी रहे भक्तों का प्रसंग सुनकर श्रोता भावविभोर हो उठे। यह महायज्ञ 29 अप्रैल तक प्रतिदिन दोपहर 12 से 4 बजे तक आयोजित हो रहा है। 30 अप्रैल गुरुवार को विशाल भण्डारे का आयोजन होगा। परीक्षित सुनीता देवी कमलेश (खेरा वाले) के संयोजन में हो रहा है। बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी बंधु कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं।


